वक़्त जो गुजर गया

वक़्त तो  गुजर जाता है पर यादें  छोड़ जाता है | यादों के सहारे कैसे  जिया जा सकता है जीने के लिए सहारे की जरुरत होती है पर जब वो सहारा ही ना हो तो...........
वक़्त बहती हुई  सरिता के समान है जो हमेशा आगे  बढता रहता है वो पीछे के रस्ते नही देखता ना ही देखना चाहता है | वक़्त की कमान को हाथ मे लिए कब तब चला जा सकता है , कुछ ही लोग होते हैं जो वक़्त के साथ साथ चलते हैं और कुछ सोचते ही रह जाते हैं और वक़्त निकल जाता है |
एक लड़की जिसने वक़्त की पाबन्दी को समझा , जाना ,परखा इसलिए ही तो वो हमेशा वक़्त के साथ चली पर ये अचानक क्या हुआ किसी पर अत्यधिक विश्वास  घातक सिद्ध हुआ | जो नही चाहती थी वही हुआ | उस रहम दिल, सच्चाई परस्त लड़की को एक  दिन इतना बड़ा धोखा मिलेगा जिसके होने का तनिक भी आभास नही था |
जिस पर उसने इतना भरोसा किया जिसे वो प्यार करती वो उसे छोड़ के किसी और का हो लिया अब वो पूरी तरह टूट चुकी थी लगता था अपनी जिंदगी से हर गयी हो, उसे लगता था की अब उसके पास कोई और रास्ता बचा ही नही है अब बस एक ही रास्ता बचा है वो है मौत |
वो अपने आप को ख़तम कर लेना चाहती थी ,क्या हर एक सच्चे प्यार करने वाले को यही दिन देखना पड़ता है ? क्या ईमानदार , सच्चाई का साथ देने वालो का यही सिला होता है ? आज वो मेरे साथ नही है पर उसकी यादें दिल मे संजोये हुए उस वक़्त को याद करती हु जो गुजर गया |
वक़्त जो गुजर गया 

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