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बस यूँ ही

डूब रहा सूरज वहाँ पीछे ओट लिए, और मैं एकटक देखती रही कि जैसे  तुम छुप गये हो कहीं पीछे, लाल लालिमा में कैद  मुस्कुराते से। #बसयूँही  #दीप्तिशर्मा

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