मैं कद्र करती हूँ

एक ऐसा इंसान जो सच के लिये जीता हो... त्याग,
सदभावना में विश्वास हो..
मैं भी एक ऐसे इंसान को जानती हूँ
सच में ऐसे लोग बहुत कम होते हैं..
कुछ पंक्तियाँ मेरी तरफ से..
वो आत्मविश्वास जिससे
खुद आगे बढ़ते जाये
तलाश ले मंज़िल
उन हौसलों की जो
अत्यधिक अटूट हैं
मैं कद्र करती हूँ ।
अकेले चलने का हुनर
उज्जवल भविष्य को सोच
निरंतर आगे बढ़ने की
उत्सुकता जो प्रेरक है
उस प्रेरक प्रयास की
मैं कद्र करती हूँ ।
खुद को भी भुला दे
जो कभी डगमगाये
तो सम्हल जाये और
हिम्मत ना हारे
उस विश्वास की
मैं कद्र करती हूँ ।
मदद कर दूसरो की
सबको हँसा खुद भी मुस्कुराए
हालातों से डटकर बस
वो लड़ता जाये
उस विशाल हृदय की
मैं कद्र करती हूँ ।
गर्व से नतमस्तक हूँ
प्रयासों से गदगद
अब क्या कहूँ
शब्द ही नहीं हैं
बस उस इंसान की
मैं कद्र करती हूँ ।
©दीप्ति शर्मा

Comments

आहुति said…
भावो का सुन्दर समायोजन......

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