Sunday 7 August 2011

मेरी बहन

                                                  

आज बैठी हूँ और 
सोच रहीं हूँ तुझे 
तुझसे मिलने को मन 
करता है और कहता है 
आजा मेरी बहन घर
सूना है तेरे बगैर |

जब खाते थे एक
ही थाली में खाना 
लड़ना झगड़ना और 
रूठ के मान जाना 
आजा मेरी बहन घर 
सूना है तेरे बगैर |

एक्टिवा पर बाज़ार 
निकल घूमना पूरे दिन 
पर अकेले मन नही 
करता अब तो जाने का 
आजा मेरी बहन घर 
सूना है तेरे बगैर |

एक साथ स्कूल जाना 
खेलना खाना और पढना
हँसना खूब मस्त रहना 
अब तू हम सबके पास 
आजा मेरी बहन घर 
सूना है तेरे बगैर |

माँ भी पूछती है 
अब कब आयेगी तू  
तेरी याद करती है और 
हम तारें हैं उनकी आँखों के 
कैसे रह पायेगी वो 
यूँ दूर हमसे तो अब 
आजा मेरी बहन घर 
सूना है तेरे बगैर |

-दीप्ति शर्मा 


                                                               

20 comments:

Anonymous said...

vo jald hi aagengi
shubhkamnaye

ज़ाकिर अली ‘रजनीश’ (Zakir Ali 'Rajnish') said...

मन को छू जाने वाले भाव।

------
ब्‍लॉगसमीक्षा की 27वीं कड़ी!
आखिर इस दर्द की दवा क्‍या है ?

संजय भास्कर said...

बहुत ही सुंदर .....प्रभावित करती बेहतरीन पंक्तियाँ ....
फ्रेंडशिप डे ' की आपको ढेर सारी शुभकामनाएँ ..... |

संजय भास्कर said...

बहुत ही सुंदर .....प्रभावित करती बेहतरीन पंक्तियाँ ....
फ्रेंडशिप डे ' की आपको ढेर सारी शुभकामनाएँ ..... |

रेखा said...

मेरे अनुसार सुना को सूना में बदल लीजिये . बहुत सुन्दर रचना.

प्रवीण पाण्डेय said...

सम्बन्धों के कोमल भाव।

vk shekhar said...

sundar, manbhaavan

इमरान अंसारी said...

बहुत सुन्दर बहनों का ये प्रेम दिल को छू लेने वाला है|

यशवन्त माथुर (Yashwant Mathur) said...

मर्मस्पर्शी कविता।
------------
कल 09/08/2011 को आपकी एक पोस्ट नयी पुरानी हलचल पर लिंक की जा रही हैं.आपके सुझावों का स्वागत है .
धन्यवाद!

Jyoti Mishra said...

superb creation !!!

संध्या शर्मा said...

मर्मस्पर्शी रचना...

संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

बहुत खूब्सुरातिसे बहन को याद कर बचपन को भी याद कर लिया ..अच्छी प्रस्तुति

PK Sharma said...

wah sharma ji...
kamal karte ho
hamare blog par bhi darshan de

Dr.Nidhi Tandon said...

umeed hai ki aapki behan aapse jaldi hii milengi...behan ko yaad akrti ...achchhi rachna

सदा said...

बहुत ही सुन्‍दर भावमय करते शब्‍दों के साथ बेहतरीन प्रस्‍तुति ।

वीना said...

सुंदर भावों से सजी कविता...

अवनीश सिंह said...

बहनें तो होती ही इतनी प्यारी हैं कि उनके बिना घर सूना लगने लगे

कविता रावत said...

bahut sundar..
bahno ke bina suna to lagta hi ghar...
chahal-pahal jo bani rahti hai.sabka khayal jo rakhti hain..

POOJA... said...

wakai bahan bahan to hoti hai par dost bhi hoti hai... uski kami khalti hai...
bahut hi pyaaree rachna...

Anonymous said...

A topic near to my heart thanks, ive been wondering about this subject for a while.

LinkWithin

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...