Thursday 4 August 2011

अनकही बातें


                                                                        


(मेरे नए ब्लॉग पर पहली रचना )
अनकही बातें जो दिल कहे
बस कह दीजिये यहाँ
दिल में उठे हर ज़ज्बात

वो बातें जो कहीं ना हों 
बस महसूस की गयी हो 
वो अनकही बातें 

आँखों के पलछिन में
छुपी कुछ आहटें 
वो अनकही बातें 

उम्मीद सभी की ले 
कह गयी मैं यहाँ 
वो अनकही बातें |

- दीप्ति शर्मा 
http://deepti09sharma02.blogspot.com/


10 comments:

Anonymous said...

aapko naye blog ke liye subhkamnaye

kshama said...

Bahut pyaree rachana!

गिरीश"मुकुल" said...

बहुत उम्दा आज़ ब्लाग4वार्ता में चर्चा है.. इस पोस्ट की

संजय कुमार चौरसिया said...

बहुत उम्दा

इमरान अंसारी said...

कुछ बातें कभी-कभी अनकही ही रह जाती हैं|

रेखा said...

बहुत सुन्दर रचना . नए ब्लॉग की पहली रचना के लिए बधाई

प्रवीण पाण्डेय said...

कहने के पहले लिख लीजिये अनकही बातें।

Dorothy said...

खूबसूरत अभिव्यक्ति. आभार.
सादर,
डोरोथी.

Vijay Kumar Sappatti said...

अनकही बातो ने बहुत कुछ कह दिया है .. शब्द मुखर हो उठे है .. बधाई

आभार
विजय
-----------
कृपया मेरी नयी कविता " फूल, चाय और बारिश " को पढकर अपनी बहुमूल्य राय दिजियेंगा . लिंक है : http://poemsofvijay.blogspot.com/2011/07/blog-post_22.html

DEV- The Eminence said...

SUNDER ABHIVAYKATI. CONGRATES. DEV

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