(मेरे नए ब्लॉग पर पहली रचना )
अनकही बातें जो दिल कहेबस कह दीजिये यहाँ
दिल में उठे हर ज़ज्बात
वो बातें जो कहीं ना हों
बस महसूस की गयी हो
वो अनकही बातें
आँखों के पलछिन में
छुपी कुछ आहटें
वो अनकही बातें
उम्मीद सभी की ले
कह गयी मैं यहाँ
वो अनकही बातें |

10 comments:
aapko naye blog ke liye subhkamnaye
Bahut pyaree rachana!
बहुत उम्दा आज़ ब्लाग4वार्ता में चर्चा है.. इस पोस्ट की
बहुत उम्दा
कुछ बातें कभी-कभी अनकही ही रह जाती हैं|
बहुत सुन्दर रचना . नए ब्लॉग की पहली रचना के लिए बधाई
कहने के पहले लिख लीजिये अनकही बातें।
खूबसूरत अभिव्यक्ति. आभार.
सादर,
डोरोथी.
अनकही बातो ने बहुत कुछ कह दिया है .. शब्द मुखर हो उठे है .. बधाई
आभार
विजय
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कृपया मेरी नयी कविता " फूल, चाय और बारिश " को पढकर अपनी बहुमूल्य राय दिजियेंगा . लिंक है : http://poemsofvijay.blogspot.com/2011/07/blog-post_22.html
SUNDER ABHIVAYKATI. CONGRATES. DEV
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