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ब्लॉग की प्रथम वर्षगांठ

आज मेरा सफ़र एक सीढ़ी चढ़ गया , बहुत कुछ पाया यहाँ  रहकर मैंने  , कितना कुछ सीखा तो आज इस अवसर   पर  बस यही कहना चाहती हूँ - 
                                          
                                                    
आज ब्लॉग आकाश में
असंख्य तारों के बीच
चाँद सा प्यार दिया मुझे 
इस ब्लॉग परिवार ने |
                                                      
हर सुख दुःख में 
साथ निभाया है और
बहुत कुछ सिखाया है 
इस ब्लॉग परिवार ने |

एक साल गुजर गया 
पर यूँ लगता है जैसे 
सदियाँ बीत गयी हो 
आप सब का साथ पाकर |

लगते हैं यहाँ सब अपने 
नही यहाँ गैर कोई
बहुत सा प्यार दिया 
इस ब्लॉग परिवार ने |

गलतियाँ जब हुई 
उचित मार्गदर्शन कर 
सही राह दिखाई  
इस ब्लॉग परिवार ने|
                                                            
जफ़र पथ पर चलकर
मैं अब साथ चाहती हूँ 
हरदम आशीर्वाद चाहती हूँ  
इस ब्लॉग परिवार से |

छोटो का स्नेह मिले  
बड़ों का आशीष बस
इतना अधिकार चाहती हूँ 
इस ब्लॉग  परिवार से |

- दीप्ति शर्मा


                                                      





Comments

Anonymous said…
badhayi ho
बहुत बहुत बधाई और शुभकामनाएँ....."साहित्य प्रेमी संघ" के सभी रचनाकारों और पाठकों की ओर से............और मेरी भी...यूँही प्रगति करती रहो।
बहुत बहुत बधाई.....शुभकामनायें
Saru Singhal said…
Congrats on completing 1 year, nice post.
आपका ब्लाग और आपका व्यक्तित्व आसमान की बुलंदी को छुए |बधाई और ढेरों शुभकामनायें |
Kajal Kumar said…
कबूतर की फ़ोटो बहुत अच्छी है
Happy Birth Day to your bolg..... :)
ढेर सारी शुभकामनाएं
बहुत बहुत बधाई और शुभकामनाएँ
बहुत बहुत बधाई दीप्ति जी।
आप की लेखनी और आपका ब्लॉग नये कीर्तिमान स्थापित करता रहे यही कामना है।

सादर
kumar said…
आपको और आपके ब्लॉग को करोड़ों बधाइयाँ....

आप ऐसे ही ऊँचाइयाँ छूती रहें...
अतिशय बधाईयाँ।
बहुत बहुत बधाई और शुभकामनाएँ...दीप्ति जी
कविता अभिव्यक्ति का एक सशक्त माध्यम है और आपकी कवितायेँ सदैव उस पर खरी उतरी है. आभार !
और ब्लॉग पर एक सफल वर्ष पूरा करने पर बधाई !!
ब्लॉग की प्रथम वर्षगांठ पर बहुत बहुत बधाई हो ....दीप्ति जी
ARIHANT JAIN said…
Blog parivaar har samay aapke saath rahega.
ARIHANT JAIN said…
dher saari shubhkaamnayein, Blog parivaar hamesha aapke saath hai.
बधाई हो जी ........
बधाई बधाई बधाई ! हार्दिक बधाई ! बहुत बहुत बधाई ! किसलय दम्पति को बधाई ! बारम्बार बधाई ! मन से बधाई ! अंतर्मन से बधाई ! दिल से बधाई ! तहेदिल से बधाई ! बधाई ही बधाई
बहुत ही सुन्दर,शानदार और उम्दा प्रस्तुती!
और चित्र तो कमाल का है!
arvind said…
बहुत बहुत बधाई और शुभकामनाएँ
This comment has been removed by the author.
Hamari or se bhi bahut bahut haardik shubhkamnayen!
बहुत बहुत बधाई और शुभकामनाएँ दीप्ति जी। आपकी आज की रचना में पहले की रचनाओ की भांति सुदंर अभिव्यक्ति है. आप की लेखनी और आपका ब्लॉग नये कीर्तिमान स्थापित करता रहे यही कामना हमारी है। वैसे एक छोटा सा संजोग देख लीजिए. जब आपका ब्लॉग शुरू हुआ उसका कुल योग था-दो, उस माह कुल लिखी पोस्ट का योग था-दो, इस साल का योग है-दो, इस माह में अब लिखी पोस्ट की संख्या है-दो, आज की तारीख का योग है-दो, आप ब्लॉग जगत(२००९)में जब से उसका योग-दो, आज आपके ब्लॉग ने प्रवेश किया वर्ष में-दो, मुझे उम्मीद है आपका जन्मदिन का भी होगा योग-दो या दो की सहयोगी संख्या पांच और सात को. है इनका भी आपके ब्लॉग से गहरा संबंध. थोड़ा कर लीजिए गौर:-पिछले साल में लिखी पोस्ट का योग है-पांच, दूसरे ब्लोगों की सदस्य है उनकी संख्या भी है-पांच और अब तक कुल लिखी का योग है-सात.

कभी कभी हमारे ब्लोगों पर नज़र-ए-इनायत करें.बस आपके दो-चार क्लिक करने से नाचीज़ का मान बढ़ जाएगा.
वीना said…
बहुत-बहुत बधाई और शुभकामनाएं....
बधाई और शुभकामनायें
बहुत बहुत बधाई.....शुभकामनायें......
Dr Varsha Singh said…
दीप्ति जी, आपको बहुत-बहुत बधाई और शुभकामनाएँ....
Suresh Kumar said…
Deepti Ji...Hardik Badhai...
welcome to my blog..
दो सौ फोल्लोवेर्स की बहुत बहुत बधाई हो ....दीप्ति जी
mubarakbaad iss pehli varshganth ki :)
S.N SHUKLA said…
happy anniversary,
बहुत सुन्दर रचना, बहुत खूबसूरत प्रस्तुति.बहुत सुन्दर रचना, बहुत खूबसूरत प्रस्तुति.

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जन्मदिन

आज मेरी प्यारी बहिन का जन्मदिन है और मैं बहुत खुश हूँ ,, मेरी तरह से उसे ढेरो शुभकामनाये ,,, कृपया आप भी अपना बहुमूल्य आशीर्वाद उसे प्रदान करें |

आज जन्मदिवस पर तेरे ,
ओ मेरी प्यारी बहिन
दुलार करते हैं सभी
प्यार करते हैं सभी

हजार ख्वाहिशें जुडी हैं
माँ पापा की तुझसे
रौशन है ये आँगन तुझसे
कह दे तू ये आज मुझसे
न दूर हो हम कभी भी
अब एक दूजे से

जफ़र पा ओ मेरी बहिन
घर जल्दी आना तू अबकी
आँखों का तारा हैं तू सबकी

तेरा सपना सच हो जाये
हर ख्वाहिश पूरी हो जाये
जन्मदिन पर मिले तुझे
सबका इतना आशीष
की हर बाला आने से
पहले ही टल जाये

जन्मदिन बहुत बहुत मुबारक हो प्रीती .

- दीप्ति शर्मा

शोषित कोख

उस बारिश का रंग दिखा नहीं
पर धरती भींग गयी
बहुत रोई !
डूब गयी फसलें
नयी कली ,
टहनी टूट लटक गयीं
आकाश में बादल नहीं
फिर भी बरसात हुई
रंग दिखा नहीं कोई
पर धरती
कुछ सफेद ,कुछ लाल हुई
लाल ज्यादा दिखायी दी
खून सी लाल
मेरा खून धरती से मिल गया है
और सफेद रंग
गर्भ में ठहर गया है,
शोषण के गर्भ में
उभार आते
मैं धँसती जा रही हूँ
भींगी जमीन में,
और याद आ रही है
माँ की बातें
हर रिश्ता विश्वास का नहीं
जड़ काट देता है
अब सूख गयी है जड़
लाल हुयी धरती के साथ
लाल हुयी हूँ मैं भी।
-- दीप्ति शर्मा
अभी कुछ देरपहले
मुझे आवाज़ आयी
माँ , मैं यहाँ खुश हूँ
सब  बैखोफ घूमते हैं
कोई रोटी के लिये नहीं लड़ता
धर्म के लिये नहीं लड़ता
देश के लिये,
उसकी सीमाओं के लिये नहीं लड़ता
देखो माँ
हम हाथ पकड़े यहाँ
साथ में खड़े हैं
सबको देख रहे हैं
माँ, बाबा से भी कहना
कि रोये नहीं
हम आयेगें फिर आयेगें
पर पहले हम जीना सीख लें
फिर सीखायेगें उनको भी
जिन्हें जीना नहीं आता
मारना आता है
माँ, आँसू पोंछकर देखो मुझे
मैं दिख रहा हूँ ना! 
हम सभी आयेगें पर तभी
जब वो दुनिया अपनी सी होगी
नहीं तो हम बच्चे
उस धरती पर कभी जन्म नहीं लेगें
तब दुनिया नष्ट हो जायेगी
है ना! 
पर उससे पहले
माँ, बाबा आप
यहाँ आ जाना हमारे पास
हम यहीं रहेगें
फिर कोई हमें अलग नहीं करेगा
तब तक के लिये तुम मत रोना
हम सब देख रहे हैं
और मैं रोते हुए चुप हूँ
बस एक टक देख रही हूँ
तुझे बेटा
तेरे होने के अहसास के साथ
©दीप्ति शर्मा