जिन्दगी

मेरे अहसासों की उस हवा
की महक सी है मेरी हस्ती
कोशिश करूँ तमाम पर
हिचकोलो से गुजरती हुई
चलती है ये मेरी कस्ती
तमाम उलझनों से जुझते
जिन्दगी की राहों से अनजान
ढलती हुई जीवन की मस्ती
ख्वाहिशो की अभिलाषा सी
सच्चाई तलाशती हुई है
चाँद लम्हों की मेरी बस्ती

Comments

Anonymous said…
ye hi jindgi h
अद्भुत और गहरे भावार्थ लिए सुंदर और रम्य काव्य रचना बधाई और शुभकामनायें |
अद्भुत और गहरे भावार्थ लिए सुंदर और रम्य काव्य रचना बधाई और शुभकामनायें |

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