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तेरा साथ नहीं



तन्हा हूँ जहाँ में,
अपने तो हैं साथ में 
साथ मेरे है वो लम्हा 
वो आलम तेरे साथ का 
पर तेरा साथ नहीं |
याद भी है परछाई भी
तेरे आने की आहट भी
गुलशन है वो हवा भी वही
दिल में हैं जज्बात वही
पर तेरा साथ नहीं |
जीवन भी यहीं है 
है जान वही 
जिसको चाहा था तुने कभी 
पर तेरा साथ नहीं |
न बदल सकी वो फिजाये भी
जो तू लाया अपने साथ कभी
दिल में है वो प्यार भी
जो तुझसे किया मैंने कभी
पर तेरा साथ नहीं |

-  दीप्ति शर्मा

Comments

Anonymous said…
tumne ye achha likha hai deepti
ashish said…
वो नहीं है फिर भी उनकी याद तो है ना . सुन्दर भाव प्रवण रचना
बहुत ही बढ़िया.
UNBEATABLE said…
प्यार भरी रचना .... मिलन की आस लिए .... सुन्दर कृति
दीप्ति,

बहुत सुन्दर भावों से भरी रचना......खुदा करे कोई कभी किसी से जुदा न हो.....
arvind said…
bahut sundar pyaari rachna.
भावनाओं से भरी कविता।
जज्बातों को खूबसूरत शब्द दिए हैं ..
बहुत सुन्दर अहसास..सुन्दर रचना..
kshama said…
Kya baat hai Deeptee ji! Behad sundar rachana!
भावों की सुन्दर अभिव्यक्ति, काश तुम्हारा साथ होता।
JAGDISH BALI said…
Beautifully revealed feeling for someone u love.
Kunwar Kusumesh said…
यादों और अपने की चाहों से उपजी हुई सुन्दर कविता है.किसी का प्यारा-सा एक शेर याद आ गया. शेर है:-
याद में तेरी जहाँ को भूलती जाती हूँ मैं.
भूलने वाले कभी तुझको भी याद आती हूँ मैं.
Coral said…
sundar jajbat ....
Shah Nawaz said…
बहुत खूबसूरती के साथ लिखा है आपने... बेहतरीन!
लाजवाब रचना....बेहतरीन भावाभिव्यक्ति !!
लाजवाब रचना....बेहतरीन भावाभिव्यक्ति !!
न बदल सकी वो फिजाये भी
जो तू लाया अपने साथ कभी
दिल में है वो प्यार भी
जो तुझसे किया मैंने कभी
पर तेरा साथ नहीं |
लिखती रहिये. सम्मोहित करती हैं यह पंक्तियाँ विशेष.
jeevan singh said…
thnx deepti i like it...........its so sweet........
बहुत ही बेहतरीन कविता के लिए बधाई दीप्ति जी
Amit Tiwari said…
साथ है मेरे वो लम्हा, वो आलम तेरे साथ का..
पर तेरा साथ नहीं....
गहरा भाव लिए हुए खूबसूरत पंक्तियाँ...
शुभकामनाएं....
--
बहुत सुन्दर भावों से भरी रचना.
amrendra "amar" said…
deepti ji itni sunder rachna .....kaise likha aapne.
ek ek shabd rachna ki khubsurti me char chand laga rahe hai ....

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जन्मदिन

आज मेरी प्यारी बहिन का जन्मदिन है और मैं बहुत खुश हूँ ,, मेरी तरह से उसे ढेरो शुभकामनाये ,,, कृपया आप भी अपना बहुमूल्य आशीर्वाद उसे प्रदान करें |

आज जन्मदिवस पर तेरे ,
ओ मेरी प्यारी बहिन
दुलार करते हैं सभी
प्यार करते हैं सभी

हजार ख्वाहिशें जुडी हैं
माँ पापा की तुझसे
रौशन है ये आँगन तुझसे
कह दे तू ये आज मुझसे
न दूर हो हम कभी भी
अब एक दूजे से

जफ़र पा ओ मेरी बहिन
घर जल्दी आना तू अबकी
आँखों का तारा हैं तू सबकी

तेरा सपना सच हो जाये
हर ख्वाहिश पूरी हो जाये
जन्मदिन पर मिले तुझे
सबका इतना आशीष
की हर बाला आने से
पहले ही टल जाये

जन्मदिन बहुत बहुत मुबारक हो प्रीती .

- दीप्ति शर्मा

शोषित कोख

उस बारिश का रंग दिखा नहीं
पर धरती भींग गयी
बहुत रोई !
डूब गयी फसलें
नयी कली ,
टहनी टूट लटक गयीं
आकाश में बादल नहीं
फिर भी बरसात हुई
रंग दिखा नहीं कोई
पर धरती
कुछ सफेद ,कुछ लाल हुई
लाल ज्यादा दिखायी दी
खून सी लाल
मेरा खून धरती से मिल गया है
और सफेद रंग
गर्भ में ठहर गया है,
शोषण के गर्भ में
उभार आते
मैं धँसती जा रही हूँ
भींगी जमीन में,
और याद आ रही है
माँ की बातें
हर रिश्ता विश्वास का नहीं
जड़ काट देता है
अब सूख गयी है जड़
लाल हुयी धरती के साथ
लाल हुयी हूँ मैं भी।
-- दीप्ति शर्मा
मन से निकली,
मन तक पहुँची,
वो अनकही बात,
पर कैसे?
आँखों से पगली,
अब समझी ना !