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ज़िम्मेदार कौन ?

उम्र महज ५ बरस , और मासूम मन  में हैं कई सवाल ,इस उम्र मे ही माँ बाप  का अलगाव , वो विछोह जो उसके नन्हे दिल मे कई सवाल ले आता |
उस बाल मन को झकझोर देने वाली ये घटना उसके मन में ऐसा प्रभाव डालेगी की कोई सोच नही सकता|
समय बीता|
 वो बड़ी हो गयी  बाप का साथ नहीं है, और माँ दिन भर पार्टी और पोलिटिक्स में व्यस्त रहती |
वो कॉलेज जाने लगी , वहा उसे हमउम्र लड़के से  प्यार हो गया, पर कुछ समय बाद वो डोर टूट  गयी  जिससे वो परेशान हो गयी और उसने पुलिस का सहारा लिया और लड़के को जेल भिजवा दिया |
वो इतना परेशान थी की कोई चाहिए था उसे जो उसका अपना हो |
तभी उसकी मुलाकात विक्की से हुई जो अपराधी प्रवत्ति  का था |धीरे धीरे वो उस से प्यार करने लगी और उसके साथ रहते हुए वो भी गुनाह के रस्ते पर चल पड़ी |
फिर क्या था ?
वो उसके साथ लोगो को ठग रही थी कई बार कई जगह , सिलसिला थमा नहीं और एक दिन वो पुलिस के हाथ लग गयी उसके पास करोडो रुपये थे जो उसने इस तरह कमाए |
आज वो जेल में है |
एक लड़की के गेंगेस्टर बन जाने की यह कहानी सबके लिए सबक है 
पर इसके लिए जिम्मेदार कौन?

Comments

ashish said…
ये सच है की माता पिता का बच्चो से व्यवहार , उनके भविष्य के जीवन को प्रभावित करता है . लेकिन वो अगर कतिपय नादानियो के कारण अपराधिक प्रवृति की बनी तो , इसको सही नहीं ठहराया जा सकता .
main to samaaj ko jimedaar manta hoon
माधव said…
सार्थक सन्देश। धन्यवाद।
मेरी तरफ से कोई टिप्‍पणी नहीं
केवल लेखन के लिये बधाइयाँ दे सकता हूँ बस ।।
ashish ji,संजय भास्कर ji,माधव ji ,आनन्‍द पाण्‍डेय ji aap sabhi ka aabhar
सटीक प्रश्न है ..बच्चों को समझाने का काम माँ और पिता का होता है ...उनको संभालने की ज़िम्मेदारी भी ...
UNBEATABLE said…
Bahut achha aur sateek sawal uthaya hai tumne .... Jhakjhor dene waale shabdon ke saath ...
vikash said…
nice yaar deepti gud going kya likhti hai bahut khub keep it up gud luck
Shah Nawaz said…
उपभोक्तावाद की इस अंधी दौड़ में माँ-बाप के पास अपने बच्चों के लिए समय ही नहीं है. उनके अंधारमय जीवन के लिए बेशक माँ-बाप ही ज़िम्मेदार हैं.



ज़रा यहाँ भी नज़र घुमाएं!
राष्ट्रमंडल खेल
सच कहा……………इसके लिये तो पेरेंट्स ही जिम्मेदार हैं…………………उन्हे अपनी जिम्मेदारियाँ समझनी चाहिये नही तो ना जाने कैसे समाज का निर्माण हो।
Poorviya said…
pahala pyar maa ka hota hai .
jab wahi nahi milaga to duniya sai kuch nahi milega.
PD said…
इस घटना के लिए नए ज़माना को मैं दोष नहीं दे सकता.. ऐसी घटना हर पीढ़ी में होती रही है.. दुनिया ऐसी ही है दोस्त..
ha mujhe pata hai ki duniya yesi hi hai par in sab se mujhe bahut dukh hota hai
aapka aabhar pd ji
poorviya ji, वन्दना ji, Shah Nawaz ji ,UNBEATABLE ji ,संगीता स्वरुप ( गीत ) ji
aapko dhanyevad

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जन्मदिन

आज मेरी प्यारी बहिन का जन्मदिन है और मैं बहुत खुश हूँ ,, मेरी तरह से उसे ढेरो शुभकामनाये ,,, कृपया आप भी अपना बहुमूल्य आशीर्वाद उसे प्रदान करें |

आज जन्मदिवस पर तेरे ,
ओ मेरी प्यारी बहिन
दुलार करते हैं सभी
प्यार करते हैं सभी

हजार ख्वाहिशें जुडी हैं
माँ पापा की तुझसे
रौशन है ये आँगन तुझसे
कह दे तू ये आज मुझसे
न दूर हो हम कभी भी
अब एक दूजे से

जफ़र पा ओ मेरी बहिन
घर जल्दी आना तू अबकी
आँखों का तारा हैं तू सबकी

तेरा सपना सच हो जाये
हर ख्वाहिश पूरी हो जाये
जन्मदिन पर मिले तुझे
सबका इतना आशीष
की हर बाला आने से
पहले ही टल जाये

जन्मदिन बहुत बहुत मुबारक हो प्रीती .

- दीप्ति शर्मा
मन से निकली,
मन तक पहुँची,
वो अनकही बात,
पर कैसे?
आँखों से पगली,
अब समझी ना !
अभी कुछ देरपहले
मुझे आवाज़ आयी
माँ , मैं यहाँ खुश हूँ
सब  बैखोफ घूमते हैं
कोई रोटी के लिये नहीं लड़ता
धर्म के लिये नहीं लड़ता
देश के लिये,
उसकी सीमाओं के लिये नहीं लड़ता
देखो माँ
हम हाथ पकड़े यहाँ
साथ में खड़े हैं
सबको देख रहे हैं
माँ, बाबा से भी कहना
कि रोये नहीं
हम आयेगें फिर आयेगें
पर पहले हम जीना सीख लें
फिर सीखायेगें उनको भी
जिन्हें जीना नहीं आता
मारना आता है
माँ, आँसू पोंछकर देखो मुझे
मैं दिख रहा हूँ ना! 
हम सभी आयेगें पर तभी
जब वो दुनिया अपनी सी होगी
नहीं तो हम बच्चे
उस धरती पर कभी जन्म नहीं लेगें
तब दुनिया नष्ट हो जायेगी
है ना! 
पर उससे पहले
माँ, बाबा आप
यहाँ आ जाना हमारे पास
हम यहीं रहेगें
फिर कोई हमें अलग नहीं करेगा
तब तक के लिये तुम मत रोना
हम सब देख रहे हैं
और मैं रोते हुए चुप हूँ
बस एक टक देख रही हूँ
तुझे बेटा
तेरे होने के अहसास के साथ
©दीप्ति शर्मा