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कोई तो होगा


कभी कोई तो होगा, 
जो सिर्फ मेरा होगा,
जिसकी याद सताएगी|
और मुझे तडपायेगी |
कोई ऐसी घडी तो आएगी 
जब किसी की सांसे 
मेरे बिना थम जाएँगी |
चाहेगा वो मुझे इतना कि
धड़कने उसकी मेरी
धड़कने बन जाएगी |
- दीप्ति शर्मा 
                           ये कविता मैने १० क्लास  मे लिखी थी
                         आज आप सब के सामने लिखी है

Comments

क्या बात है....कुछ पंक्तियों में ही आपने बहुत कुछ कह दिया....लाजवाब।
Kunwar Kusumesh said…
बढ़िया है, बढ़िया है. फोटो तो बहुत ही अच्छी.
अहा, युवा होते मन का एकाधिकार, प्रेम पर।
ओहो....दीप्ति......क्या बात है......बहुत खूब १० क्लास में भी तुम सपनो के राजकुमार के बारे में सोचती थी?........चलो हमारी दुआ है की तुम्हे इतना प्यार करने वाला जल्द ही मिले......आमीन|
बहुत ही प्यारे एहसास.
शुभ कामनाएं.
ZEAL said…
हालांकि ऐसा होता नहीं है , फिर भी जिंदगी के सफ़र में कभी कभी ऐसे एहसास ज़रूर मिलते हैं।
mahendra verma said…
बहुत अच्छी कविता का सृजन किया था आपने।
बहुत सुन्दर रचना..
दसवीं अर्थात चौदह पंद्रह साल की उम्र में यह कल्पना. उफ़ ! दीप्ति जी, किन शब्दों में व्यक्त करूं अपनी प्रतिक्रिया........
sagebob said…
युवा मन की शानदार अभिव्यक्ति.
लेकिन उम्र के साथ प्रेम के मायने बदलते रहते हैं.
आपकी कलम को सलाम
जज़्बात से भरा एक जवान दिल की धडकन स्पष्ट सुनाई दे रही है इस कविता में ...
Bhushan said…
सुंदर अहसासों से भरी कविता.
Sunil Kumar said…
बहुत सुन्दर अहसास......
बहुत अच्छी कविता
मेरी नई पोस्ट पर आपका स्वागत है

"गौ माता की करूँ पुकार सुनिएे ....." देखियेगा और अपने अनुपम विचारों से हमारा मार्गदर्शन करें.

आप भी सादर आमंत्रित हैं,
बहुत ही भाव पूर्ण और सुंदर प्रस्तुति.
मेरे ब्लॉग पर आपका स्वागत है
सहज, सटीक एवं प्रभावशाली
लेखन के लिए बधाई!
कृपया इसे भी पढ़िए......
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शहरीपन ज्यों-ज्यों बढ़ा, हुआ वनों का अंत।
गमलों में बैठा मिला, सिकुड़ा हुआ बसंत॥
सद्भावी - डॉ० डंडा लखनवी
बहुत ही प्यारे एहसास.
शुभ कामनाएं.
jeevan singh said…
wow so nice .....chahega koi mujhe itna ki saansein wo le aur dhadkan mujhe sunai degi........
आपकी उम्दा प्रस्तुति कल शनिवार ०५.०२.२०११ को "चर्चा मंच" पर प्रस्तुत की गयी है।आप आये और आकर अपने विचारों से हमे अवगत कराये......"ॐ साई राम" at http://charchamanch.uchcharan.com/
चर्चाकार:Er. सत्यम शिवम (शनिवासरीय चर्चा)
SATYAM said…
o.......fentastic!
सुंदर अहसासों से भरी कविता|
Minakshi Pant said…
कक्षा 10 की कविता का असर फिर जाके कब हुआ था दोस्त ?

आपने बहुत ही खूबसूरती से अपनी बात कह डाली !

बहुत सुन्दर अंदाज़ !

मेरी बातों का बुरा मत मानना दोस्त थोडा सा मजाक !
mridula pradhan said…
tenth class ki soch ko kitna sunder shabd de di hain.
दीप्ति जी
एक अच्छी अभिव्यक्ति ... एक अच्छा नज़रिया ..और बहुत सार्थकता के साथ कल्पना ....आपका शुक्रिया
भावपूर्ण सुंदर कविता के लिए बधाई।
अरे वाह! क्या खूब लिखा था……………बहुत सुन्दर्।
What a thought... capable of brining you to imagination ...
madansharma said…
भावपूर्ण सुंदर कविता के लिए बधाई।
मेरी नई पोस्ट पर आपका स्वागत है अपने अनुपम विचारों से हमारा मार्गदर्शन करें.
Dr Varsha Singh said…
सुंदर रचना के लिए साधुवाद! मेरे ब्लॉग पर आपका स्वागत है!
बहुत सुन्दर रचना..
OM KASHYAP said…
क्या बात है....कुछ पंक्तियों में ही आपने बहुत कुछ कह दिया....लाजवाब।

धन्यवाद
http://unluckyblackstar.blogspot.com/
सटीक एवं प्रभावशाली
लेखन के लिए बधाई!
अब सभी ब्लागों का लेखा जोखा BLOG WORLD.COM पर आरम्भ हो
चुका है । यदि आपका ब्लाग अभी तक नही जुङा । तो कृपया ब्लाग एड्रेस
या URL और ब्लाग का नाम कमेट में पोस्ट करें ।
http://blogworld-rajeev.blogspot.com
SEARCHOFTRUTH-RAJEEV.blogspot.com
.शब्दों को चुन-चुन कर तराशा है आपने ...प्रशंसनीय रचना।
कुछ दिनों से बाहर होने के कारण
आप तक बहुत दिनों के बाद आ सका हूँ, क्षमा चाहूँगा,
Deepak Saini said…
सटीक एवं प्रभावशाली
लेखन के लिए बधाई!
दीप्ती जी लगता है । आप ब्लाग वर्ड . काम तक पहुँच नहीं पाँयी । क्योंकि आपने ब्लाग वर्ड के बजाय सत्यकीखोज ब्लाग पर टिप्पणी दी । खैर कोई बात नहीं । ब्लाग वर्ड पर जाने के लिये आप इसी टिप्पणी के प्रोफ़ाइल पर जाँय । वहाँ MY BLOG में आपको BLOG WORLD.COM मिल जायेगा । वैसे मैंने आपका ब्लाग पहले ही शामिल कर दिया है । फ़िर भी एक बार देख लें ।
UNBEATABLE said…
दीप्ति तुमने बहुत ही भावुक और सुन्दर रचना लिखी .... और वो भी इतनी कम उम्र में .... सीधे शब्दों में भाव प्रधान कविता .... बहुत खूब
P S Bhakuni said…
बहुत सुन्दर रचना..
वसंत पंचमी की ढेरो शुभकामनाए....
amar jeet said…
उम्मीद है 10 वी क्लास की खोज पूरी हो चुकी होगी
वैसे बुरा मत मानियेगा मैंने तो यु ही मजाक किया इतना तो है की 10 वी क्लास में आपने इतनी भाव पूर्ण और सुंदर रचना लिखी और उस उम्र में आपमें लिखने की छमता उत्पन्न हो गयी थी
बसंत पंचमी की बधाई हो ..............
कल है तेदीिवेय्र डे मुबारक हो आपको एक दिन पहले

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Happy Teddy Vear Day
Shah Nawaz said…
सुन्दर अभियक्ति...
Anonymous said…
बहुत सुन्दर रचना..
वसंत पंचमी की ढेरो शुभकामनाए....

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जन्मदिन

आज मेरी प्यारी बहिन का जन्मदिन है और मैं बहुत खुश हूँ ,, मेरी तरह से उसे ढेरो शुभकामनाये ,,, कृपया आप भी अपना बहुमूल्य आशीर्वाद उसे प्रदान करें |

आज जन्मदिवस पर तेरे ,
ओ मेरी प्यारी बहिन
दुलार करते हैं सभी
प्यार करते हैं सभी

हजार ख्वाहिशें जुडी हैं
माँ पापा की तुझसे
रौशन है ये आँगन तुझसे
कह दे तू ये आज मुझसे
न दूर हो हम कभी भी
अब एक दूजे से

जफ़र पा ओ मेरी बहिन
घर जल्दी आना तू अबकी
आँखों का तारा हैं तू सबकी

तेरा सपना सच हो जाये
हर ख्वाहिश पूरी हो जाये
जन्मदिन पर मिले तुझे
सबका इतना आशीष
की हर बाला आने से
पहले ही टल जाये

जन्मदिन बहुत बहुत मुबारक हो प्रीती .

- दीप्ति शर्मा

शोषित कोख

उस बारिश का रंग दिखा नहीं
पर धरती भींग गयी
बहुत रोई !
डूब गयी फसलें
नयी कली ,
टहनी टूट लटक गयीं
आकाश में बादल नहीं
फिर भी बरसात हुई
रंग दिखा नहीं कोई
पर धरती
कुछ सफेद ,कुछ लाल हुई
लाल ज्यादा दिखायी दी
खून सी लाल
मेरा खून धरती से मिल गया है
और सफेद रंग
गर्भ में ठहर गया है,
शोषण के गर्भ में
उभार आते
मैं धँसती जा रही हूँ
भींगी जमीन में,
और याद आ रही है
माँ की बातें
हर रिश्ता विश्वास का नहीं
जड़ काट देता है
अब सूख गयी है जड़
लाल हुयी धरती के साथ
लाल हुयी हूँ मैं भी।
-- दीप्ति शर्मा
मन से निकली,
मन तक पहुँची,
वो अनकही बात,
पर कैसे?
आँखों से पगली,
अब समझी ना !