Skip to main content

मुझे अच्छा लगेगा

सुबह की रोशनी की तरह मुस्कुराओ सदा,
जिंदगी की महफ़िल में साथ दो मेरा,
मुझे अच्छा लगेगा ।
ना हो खफा बस खिलखिलाओं सदा,
दिल में प्यार जगाओ,
तुम मुझे अपना बनाओ,
मुझे अच्छा लगेगा ।
दिल में मेरे बस भी जाओ,
इतराकर शरमाकर मेरी
बाँहों में तुम आ भी जाओ,
कह दो चाहत भरी दो बातें,
मुझे अच्छा लगेगा ।
,,," दीप्ति शर्मा "

Comments

अच्छी लगी रचना............
अच्‍छा लगेगा... अच्‍छी लगी।

गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं....
जय हिंद... वंदे मातरम्।
बहुत ही बढ़िया।

सादर
adil farsi said…
दो शब्द कहना मुझे अच्छा लगेगा
रेखा said…
वाह ..बहुत सुन्दर
भावपूर्ण प्रस्तुति !
vidya said…
बहुत सुन्दर लिखा है आपने.....
अच्छा लगा ना ???
:-)

सस्नेह
boletobindas said…
वाह ....अच्छी रचना
सुबह की रोशनी की तरह मुस्कुराओ मुझे अच्छा लगेगा... :)

Popular posts from this blog

जन्मदिन

आज मेरी प्यारी बहिन का जन्मदिन है और मैं बहुत खुश हूँ ,, मेरी तरह से उसे ढेरो शुभकामनाये ,,, कृपया आप भी अपना बहुमूल्य आशीर्वाद उसे प्रदान करें |

आज जन्मदिवस पर तेरे ,
ओ मेरी प्यारी बहिन
दुलार करते हैं सभी
प्यार करते हैं सभी

हजार ख्वाहिशें जुडी हैं
माँ पापा की तुझसे
रौशन है ये आँगन तुझसे
कह दे तू ये आज मुझसे
न दूर हो हम कभी भी
अब एक दूजे से

जफ़र पा ओ मेरी बहिन
घर जल्दी आना तू अबकी
आँखों का तारा हैं तू सबकी

तेरा सपना सच हो जाये
हर ख्वाहिश पूरी हो जाये
जन्मदिन पर मिले तुझे
सबका इतना आशीष
की हर बाला आने से
पहले ही टल जाये

जन्मदिन बहुत बहुत मुबारक हो प्रीती .

- दीप्ति शर्मा
मन से निकली,
मन तक पहुँची,
वो अनकही बात,
पर कैसे?
आँखों से पगली,
अब समझी ना !
अभी कुछ देरपहले
मुझे आवाज़ आयी
माँ , मैं यहाँ खुश हूँ
सब  बैखोफ घूमते हैं
कोई रोटी के लिये नहीं लड़ता
धर्म के लिये नहीं लड़ता
देश के लिये,
उसकी सीमाओं के लिये नहीं लड़ता
देखो माँ
हम हाथ पकड़े यहाँ
साथ में खड़े हैं
सबको देख रहे हैं
माँ, बाबा से भी कहना
कि रोये नहीं
हम आयेगें फिर आयेगें
पर पहले हम जीना सीख लें
फिर सीखायेगें उनको भी
जिन्हें जीना नहीं आता
मारना आता है
माँ, आँसू पोंछकर देखो मुझे
मैं दिख रहा हूँ ना! 
हम सभी आयेगें पर तभी
जब वो दुनिया अपनी सी होगी
नहीं तो हम बच्चे
उस धरती पर कभी जन्म नहीं लेगें
तब दुनिया नष्ट हो जायेगी
है ना! 
पर उससे पहले
माँ, बाबा आप
यहाँ आ जाना हमारे पास
हम यहीं रहेगें
फिर कोई हमें अलग नहीं करेगा
तब तक के लिये तुम मत रोना
हम सब देख रहे हैं
और मैं रोते हुए चुप हूँ
बस एक टक देख रही हूँ
तुझे बेटा
तेरे होने के अहसास के साथ
©दीप्ति शर्मा