रुको !!!
मैं कहता रहा तुम्हें
आखिर कब तक
मेरी आवाज़
तुम्हें मौन प्रतित होती रहेगी  ।

--- दीप्ति शर्मा 

Comments

आपकी इस प्रस्तुति का लिंक 16-01-2014 को चर्चा मंच पर दिया गया है
आभार
Misra Raahul said…
दीप्ति बहुत खूब.....
काफी उम्दा रचना....बधाई...
नयी रचना
"जिंदगी की पतंग"
आभार
बढ़िया...प्रेम में तो मौन की आवाज भी आनी चाहिए...
Himkar Shyam said…
बहुत खूब..सुंदर रचना
हिमकर श्याम
http://himkarshyam.blogspot.in/
Bahut gehri anubhooti hai.
रूचिकर पोस्ट। मेरे नए पोस्ट पर आपका इंतजार रहेगा।
Mujpara Harshad said…
Please, यहाँ आप रूको।

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