Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps - July 31, 2014 मौन की भाषा मौन तक खुली आँखों.. खुले कानों से ना देखी जाती है ना सुनी जाती है ये भाषा.. मौन का आवरण पहन मौन ही में दफन हो जाती है.. © दीप्ति शर्मा Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps Comments Misra Raahul said… बहुत उम्दा अभिव्यक्ति। नई रचना : सूनी वादियाँ संध्या शर्मा said… मौन की भाषा मौन ही जाने … सुन्दर भाव Anonymous said… bahut badhia ....ummda... आहुति said… भावो को खुबसूरत शब्द दिए है अपने.... योगेंद्र कृष्णा Yogendra Krishna said… बहुत सुन्दर सार्थक मौन... Unknown said… सुंदर अभिव्यक्ति. साधुवाद. पर मौन कभी-कभी अधिक मारक होता है, यह भी जान लीजिए.http://shyamgkp.blogspot.in
Comments
नई रचना : सूनी वादियाँ
ummda...
http://shyamgkp.blogspot.in