मौन की भाषा मौन तक
खुली आँखों.. खुले कानों से
ना देखी जाती है
ना सुनी जाती है
ये भाषा..
मौन का आवरण पहन
मौन ही में दफन हो जाती है..
© दीप्ति शर्मा

Comments

Misra Raahul said…
बहुत उम्दा अभिव्यक्ति।
नई रचना : सूनी वादियाँ
मौन की भाषा मौन ही जाने … सुन्दर भाव
Anonymous said…
bahut badhia ....
ummda...
आहुति said…
भावो को खुबसूरत शब्द दिए है अपने....
बहुत सुन्दर सार्थक मौन...
Unknown said…
सुंदर अभिव्यक्ति. साधुवाद. पर मौन कभी-कभी अधिक मारक होता है, यह भी जान लीजिए.

http://shyamgkp.blogspot.in