मुझे अच्छा लगेगा

सुबह की रोशनी की तरह मुस्कुराओ सदा,
जिंदगी की महफ़िल में साथ दो मेरा,
मुझे अच्छा लगेगा ।
ना हो खफा बस खिलखिलाओं सदा,
दिल में प्यार जगाओ,
तुम मुझे अपना बनाओ,
मुझे अच्छा लगेगा ।
दिल में मेरे बस भी जाओ,
इतराकर शरमाकर मेरी
बाँहों में तुम आ भी जाओ,
कह दो चाहत भरी दो बातें,
मुझे अच्छा लगेगा ।
,,," दीप्ति शर्मा "

Comments

sushmaa kumarri said…
अच्छी लगी रचना............
अच्‍छा लगेगा... अच्‍छी लगी।

गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं....
जय हिंद... वंदे मातरम्।
adil farsi said…
दो शब्द कहना मुझे अच्छा लगेगा
रेखा said…
वाह ..बहुत सुन्दर
भावपूर्ण प्रस्तुति !
vidya said…
बहुत सुन्दर लिखा है आपने.....
अच्छा लगा ना ???
:-)

सस्नेह
Rohit Singh said…
वाह ....अच्छी रचना
सुबह की रोशनी की तरह मुस्कुराओ मुझे अच्छा लगेगा... :)

Popular posts from this blog

डायरी के पन्नें

मैं

बस यूँ ही