ये आँखें


कभी अनमोल मोतियों 
को गिरा देती हैं |
तो कभी बहुत कुछ 
अपने में छुपा लेती हैं ,
ये आँखें |
   -- " दीप्ति शर्मा "

Comments

Anonymous said…
sach mai
Anonymous said…
aankhe...dard aur khushi dono ko dekhti hain
aur dono mein hi roti hain
nice lnes deepti
ये आंखें..........
किसी ने खूब कहा है, ''ये आंखे देखकर हम सारी दुनिया भूल जाते हैं''

सुंदर रचना।
kshama said…
Chand panktiyan aur itnee badee baat! Bahut khoob!
Praveena joshi said…
.इन अनमोल मोतियों को यू बिखर ना जाने दे शब्दों में पिरो दे इसी तरह ..बहुत खूब दीप्ती जी
बहुत खूब... वाह!
सागर said…
bhaut hi acchi..........
vidya said…
सच है...
बहुत सुन्दर...
Anonymous said…
Thanks for sharing this with us. i found it informative and interesting. Looking forward for more updates..

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