creation 10th class
दुनिया की भीड़ से
कोई पुकार कर रहा है
ऐसा लगता है कि हमें
कोई याद कर रहा है
दिल के गुलशन को
आबाद कर रहा है
अकेले हैं दुनिया में
ये जानकर कोई
दरियाफ्त कर रहा है
साहिलों में खड़े हो
कोई लहरों पर हमारा
इंतज़ार कर रहा है ।
© दीप्ति शर्मा
बताऊँ मैं कैसे तुझे ?
वो लम्हे हमें हैं अब याद आते , ना भूले हैं जानम ना भूल पाते , बताऊँ मैं कैसे तुझे ? वो लहरों की कस्ती , वो फूलो की वादी , सितारों की झिलमिल , कहाँ खो गयी , बताऊँ मैं कैसे तुझे ? वो चूड़ी की छनछन , वो पायल की खनखन , कहाँ खो गयी , बताऊँ मैं कैसे तुझे ? वो कोयल की कूंह कूंह , वो झरने का झरना , रिमझिम सी बारिश, कहाँ खो गयी , बताऊँ मैं कैसे तुझे ? फूलों की ख़ुशबू , महकता वो आँगन , मोहब्बत वो मेरी , कहाँ खो गयी , बताऊँ मैं कैसे तुझे ? - दीप्ति
Comments
कोई लहरों पर हमारा
इंतज़ार कर रहा है ।
वाह बहुत खूब